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तुमसे वजूद मेरा.......❣️

         तुमसे वजूद मेरा....❣️                                    तुमसे वजूद मेरा,                                    तुमसे ही गीत मेरा,                                    बस तुम हो तो मैं हूं,                                    तुम ही हो मीत मेरा।    तुमको ही जितना हैं,   तुमसे ही हारना है,   तेरे आगोस में ही,                                                     जीवन गुजारना हैं,   खुद को न जानता मैं,   तुम हो हर रूप मेरा,   बस तुम ...

लड़कियां.......❣️

       लड़कियां.....❣️  उठती हुई आवाज को दबाने में लगे हैं,                             क्यो जीते जी इनके लिए नरक बनाने में लगे हैं,  तंग भी यही हो और ताने भी यही सुने,  क्यो हम सब इनको सुनाने में लगे हैं,  वो मनमानी करते अपनी और हम इनपर बंदिशे लगाने लगे हैं।                    क्यो हमेशा इन्ही को समझाते हैं,              किसी और के डर से इन्हे घर में बैठाते हैं,              क्यो नही उन बेशर्मों को थप्पड़ लगाते हैं,              क्यो उन्हें नही हम समझाते हैं।  लड़कियां घबराती हैं घर बताने से भी,  क्योंकि की हमेशा उन्हे ही गलत समझा जाता है,   किसी unknown नंबर से उन्हें तंग करने वालो को बाद में,  नंबर कहा से गया तेरा ये उनसे पहले पुछा जाता है।               ...

❤️ Oye तुम ❤️

           ❤️ Oye तुम ❤️                      Oye तुम ही नहीं                       तुम बाते भी अच्छी करती हो                      बाते सभी बच्चों की तरह सच्ची करती हो                      कर लू किसी और से बात                      नाक फूला कर गुस्सा तुम करती हो                       फिर love 😘 you 💕 बोल के मानता हूं तुम्हे                      फिर गुस्से में हामी तुम भरती हो                      मिलता है सुकून मुझे                      मूझसे प्यार तुम जो करती ...

एहसास....🙂

 एहसास....🙂 तुम्हारी जिस्म को छूकर तुम्हारी रूह में, मैं कुछ इस कदर उतर जाऊ, की तुम्हारी हर सांस मचनले लगें, मेरे नाम के फकत जिक्र से।                   तुम्हारी लबों के खुबसू को अपने लबों पर,                    मैं कुछ  इस कदर सजाऊ,                     की मेरे गैर मौजूदगी में भी तुम महक उठो,                        मेरे एहसासों के इत्र से।

तुम.....❤️

 तुम.....❤️ इस सर्दी के मौसम में... सुबह की हल्की धूप सी तुम... गुनगुने पानी सी तुम... छतों पर बैठी दादी की  खुबसुरत कहानी सी तुम.... अदरक की चाय सी तुम... सीने से लगी हुई शाल सी तुम... मां के हाथो बुनी हुई उन की स्वेटर सी तुम... रात में जलने वाले अलाव से मिलने वाली सुकून सी तुम... मैं तुम में... मुझ में तुम.....

इश्क....❤️

 इश्क....❤️ तेरी आंखे है या इश्क का प्याला जो भी देखता बस खो जाता है, कुछ बोले बिना ही आंखे बहुत कुछ कहती हैं सुनने वालों को इश्क हो जाता है। कुछ तो जादू है तेरी आंखों में इशारों से ही हजारों दिल घायल हो जाता है, गहराई इतनी की समुंदर भी छोटा लगे जो डूबता है उसे इश्क हो जाता है। इश्क के फूल खिलते हैं तेरी आंखों से देख लो एक नज़र खुशबू बिखर जाती हैं, तेरी आंखों में नशा है शराब का पीने वालो को इश्क हो जाता है। क्या कशिश है तेरी आंखों में दिल बहलता नही बहक जाता है, लाख कोशिश करने पर भी दिल संभलता नही बार बार देखने के जिद्द में इश्क हो जाता है। जब देखते हैं काजल की लकीरें तेरी आंखों में चांद की खूबसूरती रात से क्यो है समझ आ जाता है, हाय का पर्दा जो हैं तेरी खुबसुरत आंखो में पलके जब झुकती है तो इश्क हो जाता है। ......…....✍️ Saurabh Yadav 😇