लड़कियां.......❣️
लड़कियां.....❣️
उठती हुई आवाज को दबाने में लगे हैं, क्यो जीते जी इनके लिए नरक बनाने में लगे हैं,
तंग भी यही हो और ताने भी यही सुने,
क्यो हम सब इनको सुनाने में लगे हैं,
वो मनमानी करते अपनी और हम इनपर बंदिशे लगाने लगे हैं।
क्यो हमेशा इन्ही को समझाते हैं,
किसी और के डर से इन्हे घर में बैठाते हैं,
क्यो नही उन बेशर्मों को थप्पड़ लगाते हैं,
क्यो उन्हें नही हम समझाते हैं।
लड़कियां घबराती हैं घर बताने से भी,
क्योंकि की हमेशा उन्हे ही गलत समझा जाता है,
किसी unknown नंबर से उन्हें तंग करने वालो को बाद में,
नंबर कहा से गया तेरा ये उनसे पहले पुछा जाता है।
फिर दो शक भरी नजरे उन्हें शर्मशार कर देती हैं,
और इन्हीं सब के चलते लड़कियां डर कर ऐसी बाते छुपा लेती हैं,
अंदर ही अंदर उन दरिंदों की दरिंदगी इन्हे खा लेती हैं,
धीरे धीरे वो इतना घबरा जाती हैं,
आखिर DEPRESSION तक में चली जाती हैं।
शर्म करो और थोड़ा सुधारो अपने आप को,
क्योंकि तुम्हारे नीच सोच के वजह से कई लड़किया मर जाती है
..........✍️ Saurabh Yadav 😇
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