तुमसे ही.....❣️

             तुमसे ही.....❣️

तुम्ही मेरी मदहोशी हो, और मेरा दीवानापन,
तुमसे है बेचैनी मेरी, और तुम्ही से पागलपन।


तुमसे ही होते हैं दिन मेरे और तुम्हीं से होती शाम,
तुम न हो तो तनहाई है, तुमसे ही है दिल को आराम।


तुम्हीं मेरी दर्पण हो, मैं सिर्फ तुम्ही को तकता हूं,
दुनियां रास ना आए अब तो, सिर्फ तुम्ही पर मरता हूं।


तुमसे ही बना मैं कबिता, तुमसे हैं मेरा संगीत,
तुमसे ही मैं प्रेरित होकर, लिख पाता हूं मेरे गीत।


और नही कुछ मांगू रब से, जबसे तुमको पाया है,
मेरे दिल के हर धड़कन में, नेहा का नाम समाया है।


............✍️ Saurabh Yadav 😇

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